गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप (Junior National Rowing Championship) का अंतिम दिन मेजबान राज्य के लिए ऐतिहासिक और बेहद भावुक क्षण लेकर आया। गुरुवार को प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में उत्तर प्रदेश की बालक क्वाड्रुपल स्कल (Quadruple Sculls) टीम ने पानी की लहरों पर अद्भुत तालमेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। इस शानदार जीत के साथ ही उत्तर प्रदेश का इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप के बालक वर्ग में पिछले 36 वर्षों से चला आ रहा खिताबी सूखा आखिरकार समाप्त हो गया। उत्तर प्रदेश के होनहार नाविकों—दीपक कुमार, यश कुमार यादव, हरिनाथ यादव और प्रवीण कुमार की चौकड़ी ने 2000 मीटर के इस कड़े ट्रैक पर महज 7 मिनट 43.12 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में केरल की टीम (8 मिनट 02.05 सेकंड) को रजत और आर्मी बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी (8 मिनट 13.08 सेकंड) को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की बदौलत उत्तर प्रदेश बालक वर्ग की ओवरऑल तालिका में तीसरे स्थान पर रहा।
इससे पहले उत्तर प्रदेश को रोइंग के इस जूनियर स्तर पर आखिरी बड़ी सफलता साल 1990 में लखनऊ राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान मिली थी, जब हरपाल सिंह और नफीस अहमद की जोड़ी ने बालक पेयर्स वर्ग में रजत पदक जीता था। चैंपियनशिप के समापन पर पदक तालिका की बात करें तो बालक वर्ग में 'आमी बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी' ने दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक के साथ ओवरऑल चैंपियन की चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। दूसरी ओर, बालिका वर्ग में मध्य प्रदेश की टीम ने अपनी बादशाहत कायम रखते हुए दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य के साथ राष्ट्रीय चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम की। हालांकि, बालिका डबल स्कल (Double Sculls) के व्यक्तिगत फाइनल में महाराष्ट्र की शिवरानी कटेरिया और आरुषी बरार की जोड़ी ने 9 मिनट 25.7 सेकंड के बेहतरीन समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि मध्य प्रदेश को रजत और मणिपुर को कांस्य पदक मिला।